मानव विवेक से एल्गोरिदमिक निर्णय तक: कृत्रिम बुद्धिमत्ता और निर्णय-संस्कृति का रूपांतरण
Main Article Content
Abstract
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) को सामान्यतः दक्षता, गति और सटीकता के उपकरण के रूप में देखा जाता है; किंतु प्रस्तुत शोध पत्र इस प्रचलित दृष्टिकोण से भिन्न, निर्णय-संस्कृति (Decision Culture) के गहरे संरचनात्मक रूपांतरण पर केंद्रित है। यह अध्ययन इस मूल प्रश्न को केंद्र में रखता है कि जब निर्णय मानवीय विवेक, अनुभव और नैतिक संदर्भ से हटकर एल्गोरिदमिक तर्क, सांख्यिकीय संभाव्यता और डेटा-आधारित अनुशंसा पर आधारित होने लगते हैं, तब संस्थागत निर्णयों की प्रकृति किस प्रकार परिवर्तित होती है।
शोध पत्र में न्याय, प्रशासन, शिक्षा और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में AI आधारित निर्णय प्रणालियों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन यह रेखांकित करता है कि AI न केवल निर्णय लेने की प्रक्रिया को स्वचालित कर रहा है, बल्कि निर्णय की उत्तरदायित्व संरचना, विवेकशीलता और मानवीय हस्तक्षेप की सीमाओं को भी पुनर्परिभाषित कर रहा है। विशेष रूप से, यह शोध इस उभरती प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है जिसमें मानव निर्णयकर्ता से अधिक एल्गोरिदमिक सत्यापनकर्ता (Algorithmic Validator) की भूमिका में सिमटता जा रहा है।
प्रस्तुत अध्ययन का केंद्रीय तर्क यह है कि AI का प्रभाव केवल “बेहतर निर्णय” तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निर्णय-संस्कृति के नैतिक, दार्शनिक और संस्थागत आधारों को पुनर्संरचित कर रहा है। शोध पत्र यह भी विवेचन करता है कि विवेक, संदर्भ और करुणा जैसे मानवीय तत्वों का स्थान क्या केवल दक्षता और पूर्वानुमान ले सकते हैं।
निष्कर्षतः, यह शोध पत्र यह प्रतिपादित करता है कि AI आधारित निर्णय व्यवस्था को तकनीकी नवाचार के साथ-साथ मानव विवेक-केंद्रित नियामक ढाँचे के अंतर्गत समझना और संतुलित करना अनिवार्य है।
Article Details
Section

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.
References
फ्लोरिडी, लुसियानो। (2019)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नैतिकता। ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस।
रसेल, स्टीवर्ट, एवं नॉरविग, पीटर। (2021)। आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता: एक परिचय (चौथा संस्करण)। पियरसन।
यूनेस्को। (2021)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नैतिकता पर सिफारिश। यूनेस्को प्रकाशन।
ओईसीडी। (2022)। सार्वजनिक शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और निर्णय-प्रक्रिया। संगठनात्मक आर्थिक सहयोग एवं विकास रिपोर्ट।