राष्ट्रीय एकता और हिंदी

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एम. ए. पीरान

Abstract

यह लेख भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के भीतर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में हिंदी भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका का अन्वेषण करता है। यह स्वतंत्रता संग्राम में जन-जागरण के माध्यम के रूप में हिंदी के ऐतिहासिक योगदान और प्रशासन तथा नागरिकों के बीच की दूरी को पाटने के लिए राजभाषा के रूप में इसके विकास का परीक्षण करता है। अध्ययन विभिन्न समुदायों को जोड़ने वाली संपर्क भाषा के रूप में हिंदी के कार्य को उजागर करता है, जो भावनात्मक और सांस्कृतिक एकीकरण को मजबूत करती है। इसके अतिरिक्त, यह आधुनिक डिजिटल युग में हिंदी की प्रासंगिकता पर चर्चा करता है और जोर देता है कि आपसी सम्मान और समन्वय के माध्यम से हिंदी को अपनाना राष्ट्रीय अखंडता के लिए अनिवार्य है।

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एम. ए. पीरान

अध्यक्ष एवं सह-प्राध्यापक, हिंदी विभाग, अंजुमन कला, विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय, विजयपुरा।

References

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