साहित्य एवं भाषा में एआई का महत्व

Main Article Content

अशोक मुरलीधर घोरपडे

Abstract

आधुनिक युग में प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन की गति अधिक है। इस गति में विज्ञान, कंप्यूटर तथा एआई का योगदान महत्वपूर्ण है। कंप्यूटर, रोबोटिक्स, डिजिटल प्रौद्योगिकी, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने शिक्षा, चिकित्सा, रक्षा, व्यापार, संचार, कला आदि में सुलभ परिवर्तन किए हैं। विज्ञान, व्यापार, प्रौद्योगिकी, कृषि, मेडिकल, सृजन, कला, भाव, विचार, निर्णय, लेखन, चिकित्सा, साहित्य एवं भाषा क्षेत्र में एआई अनिवार्य हिस्सा बन रहा है। साहित्य एवं भाषा का विकास एआई से संभव दिखाई दे रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक तकनीक है, जिसने साहित्य तथा भाषा में परिवर्तन की लहर निर्माण कर दी है। भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं सभ्यता एआई से प्रभावित हो रही है। एआई के सहयोग से विश्व की सभी भाषाओं एवं साहित्य में अनेक सकारात्मक बदलाव सामने आ रहे हैं। भारत में विविध भाषाएँ हैं, जिनमें एआई की मदद से भाषा एवं साहित्य का विकास हो रहा है।

Article Details

Section

Research Articles

Author Biography

अशोक मुरलीधर घोरपडे

सहयोगी प्राध्यापक, हिंदी विभाग, अहमदनगर कॉलेज, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र. 

References

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिचय - संजय कुमार, निदेशक, सी डी अनुभाग, डी जी टी, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार, सं. 2024, पेज नं. 14

https://www.deeplearning.ai/resources/natural-language-processing/

https://www.healthline.com/health/nlp-therapy

https://hbr.org/2021/03/ai-should-augment-human-intelligence-not-replace-it, by David De Cremer and Garry Kasparov March 18, 2021