भाषा पर सोशल मीडिया का प्रभाव
Main Article Content
Abstract
सोशल मीडिया और तकनीकी क्रांति ने मानव अभिव्यक्ति और भाषाई संरचना को व्यापक रूप से परिवर्तित किया है। वर्तमान डिजिटल युग में व्हाट्सएप, यूट्यूब और फेसबुक जैसे मंचों ने हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर सुलभ और लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तकनीकी सुविधाओं ने साहित्य के प्रचार-प्रसार, ई-बुक्स की उपलब्धता और लेखकों-पाठकों के मध्य संवाद को सुगम बनाया है। तथापि, अत्यधिक डिजिटल निर्भरता ने युवा पीढ़ी की मौलिक लेखन क्षमता, व्याकरण और वर्तनी को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ‘शॉर्टकट’ संस्कृति के कारण भाषाई शुद्धता में ह्रास हो रहा है। अतः तकनीक के सकारात्मक उपयोग और भाषा के मानक स्वरूप के संरक्षण के मध्य संतुलन स्थापित करना आज की महती आवश्यकता है।
Article Details
Section

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.
How to Cite
References
सोशल मीडिया पर हिन्दी भाषा का प्रयोग और महत्व — अंजु चौधरी
डिजिटल युग का हिन्दी साहित्य पर प्रभाव — संजीव कुमार
डिजिटल युग में हिन्दी की भूमिका — पूजा रानी
यू.जी.सी. डिजिटल लर्निंग रिपोर्ट 2022
डिजिटल हिन्दी — बी.एन. हरिलाल, संपादक के.एन. दुबे
उपरोक्त तथा अन्य सभी इंटरनेट का ही माध्यम है।