मीडिया का साहित्य पर प्रभाव

Main Article Content

आसमा मकबूल सौंदलगे बेग

Abstract

आधुनिक युग में मीडिया और साहित्य दोनों समाज के अभिन्न अंग बन चुके हैं। मीडिया जहाँ जनमानस की त्वरित अभिव्यक्ति का माध्यम है, वहीं साहित्य समाज की गहराई में उतरकर विचार, अनुभूति और संवेदना को अभिव्यक्त करता है। डिजिटल क्रांति ने इन दोनों के बीच नए संबंध और प्रभाव के स्वरूप निर्मित किए हैं। यह शोधपत्र मीडिया द्वारा साहित्यिक अभिव्यक्ति, पाठक-वर्ग, और लेखन-शैली पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करता है। साथ ही यह भी खोजता है कि मीडिया ने साहित्य को किस हद तक चुनौती दी है और किस हद तक नए अवसर दिए हैं।

Article Details

Section

Research Articles

Author Biography

आसमा मकबूल सौंदलगे बेग

सहायक प्राध्यापक, विभाग: हिंदी विभाग, देवचंद कॉलेज, अर्जुननगर, निपाणी.

References

द्विवेदी, हजारी प्रसाद। साहित्य का उद्देश्य। लोकभारती प्रकाशन, प्रयागराज, 1956।

सिंह, नामवर। छायावाद के बाद। राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 1990।

वाल्मीकि, ओमप्रकाश। समकालीन हिंदी साहित्य और मीडिया विमर्श। वाणी प्रकाशन, 2018।

बिष्ट, पंकज। मीडिया और समाज। राजकमल प्रकाशन, 2019।

वागर्थ पत्रिका, अंक 320, कोलकाता, 2022।

सिंह, नंदकिशोर। डिजिटल युग का साहित्य। भारतीय ज्ञानपीठ, नई दिल्ली, 2020।

आचार्य, राजेश्वर। जनसंचार और साहित्य का अंतरसंबंध। साहित्य अकादमी, 2021।

जोशी, विनोद। सोशल मीडिया और साहित्यिक चेतना। समकालीन भारतीय साहित्य, अंक 215, नई दिल्ली, 2022।