भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मीडिया और हिंदी भाषा का योगदान

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रोहित रामचन्द्र जाधव

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पत्रकारिता यह हमारे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। पहले से ही समाज को सुधारने में, आगे बढ़ाने में, या दुनिया के हर एक कोने से रूबरू कराने का कार्य पहले से यह मीडिया यानी पत्रकारिता करती आ रही है। कुछ इसी प्रकार पत्रकारिता का योगदान स्वतंत्रता संग्राम में भी था। देश को जोड़ने में, एक साथ लाने में, अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने में इसी पत्रकारिता ने कार्य किया था। लेकिन यह इतना भी आसान नहीं था, क्योंकि भारत बहुभाषिक देश है। भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन एक भाषा ऐसी है जो भारत में ज्यादातर लोग समझ पाते हैं, बोल पाते हैं। वह यानी ‘हिंदी’ और इस हिंदी के माध्यम से पत्रकारिता में इसका सहयोग से देश को जोड़ने का कार्य करते नजर आता है। देश के युवाओं को नवजागरण करने का कार्य, सामाजिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से आंदोलन में सहयोग लेने के लिए, उत्साहित करने का कार्य हिंदी मीडिया ने किया। यह कार्य हिंदी भाषा के योगदान के अंतर्गत कई माध्यम पर मीडिया ने जागृत करने का कार्य बहुत बखूबी निभाया है। इसी के साथ ही समाज में उस वक्त चल रही अनेक रूढ़िबद्ध परंपराओं पर किस प्रकार आवाज उठाई है, इन सभी मुद्दों पर इस रिसर्च पेपर के माध्यम से प्रकाश डालने की कोशिश की है।

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रोहित रामचन्द्र जाधव

शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर.

How to Cite

रोहित रामचन्द्र जाधव. (2026). भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मीडिया और हिंदी भाषा का योगदान. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 12(01), 115 to 119. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/322

References

BYJU’S IAS Hindi, “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रेस की भूमिका,” https://byjus.com/ias-hindi/what-was-the-role-of-the-press-in-freedom-struggle-in-hindi/

पाण्डेय, वंदना, स्वतंत्रता संग्राम एवं हिंदी पत्रकारिता, अणुबुक्स, 2018, लखनऊ https://anubooks.com/uploads/session_pdf/166297055831.pdf