डिजिटल युग में हिंदी भाषा की चुनौतियाँ और संभावनाएँ
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वर्तमान समय में डिजिटल क्रांति ने मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की गहराई को प्रभावित किया है। भाषा, जो मानव संचार का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है, वह इससे अछूती नहीं रही है। डिजिटल युग ने संचार और भाषा के स्वरूप को व्यापक रूप से परिवर्तित किया है। हिंदी, जो विश्व के प्रमुख भाषाई समुद्रों में से एक है, और भारत की प्रमुख भाषाओं में से एक है, इस परिवर्तन से गहराई से प्रभावित हुई है। डिजिटल युग में हिंदी कई अवसरों और समस्याओं का सामना कर रही है। एक ओर इंटरनेट, सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म (डिजिटल मंच) और प्रौद्योगिकी के विस्तार ने हिंदी के प्रचार-प्रसार को नई दिशा दी है, वहीं दूसरी ओर भाषाई दुनिया, तकनीकी बाधाएं और अंग्रेजी के बढ़ते प्रभाव जैसी समस्याएं भी सामने हैं।
भाषा सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, वह एक समाज की पहचान है, सभ्यता व संस्कृति की पहचान है, ज्ञान का आदर और भावों का जीवंत चित्रण है। प्रस्तुत शोध-पत्र “डिजिटल युग में हिंदी भाषा की चुनौतियाँ और संभावनाएँ” में हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति, उसके कथानक और चरित्र का विश्लेषण किया गया है। यह सुझाव देने का प्रयास किया गया है कि डिजिटल युग में हिंदी भाषा को कितना मजबूत और समृद्ध बनाया जा सकता है।
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References
त्रिगुण, रामस्वरूप - हिंदी भाषा और उसका विकास
शर्मा, परमाणु - भाषा और समाज
सिंह, नामवर - हिंदी के विकास में मीडिया की भूमिका
गुप्ता, अजय कुमार - डिजिटल मीडिया और हिंदी
भारत सरकार - डिजिटल इंडिया अभियान रिपोर्ट
यूनेस्को – भाषा और डिजिटल संचार रिपोर्ट
इंटरनेट स्रोत: गूगल स्कॉलर, हिंदी विकिपीडिया, विभिन्न हिंदी समाचार पोर्टल