साहित्य, संस्कृति और तंत्रज्ञान: आधुनिक भाषा चिंतन मीडिया का साहित्य पर प्रभाव

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शंकरमूर्ति के. एन.

Abstract

यह शोध आलेख साहित्य, संस्कृति और प्रौद्योगिकी (तंत्रज्ञान) के परस्पर संबंध और आधुनिक युग में उनके महत्व का मूल्यांकन करता है। यह बताता है कि कैसे प्राचीन काल में सीमित रहा साहित्य पहले भक्ति कवियों, फिर यातायात के साधनों, और स्वतंत्रता के उपरांत प्रिंट मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुँचा। पिछले दो दशकों में आई इंटरनेट और डिजिटल क्रांति ने साहित्य के प्रचार-प्रसार को अभूतपूर्व गति दी है। लेख हिंदी भाषा के तकनीकी विकास—जैसे सॉफ्टवेयर (लीप, हिंदी विंडोज) और यूनिकोड प्रणाली का विकास—तथा ई-समाचार पत्रों (वेबदुनिया) एवं ऑनलाइन साहित्यिक पत्रिकाओं (अभिव्यक्ति, अनुभूति) के उदय पर प्रकाश डालता है। अंत में, यह निष्कर्ष निकाला गया है कि भाषा, साहित्य, संस्कृति और तकनीक के सार्थक संयोजन से ही इसका प्रयोजन साहित्य प्रेमियों तक पहुँच सकता है।

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Author Biography

शंकरमूर्ति के. एन.

हिंदी विभाग, केएलई जी आई बागेवाड़ी कॉलेज, निपाणी, बेलगावी।

How to Cite

शंकरमूर्ति के. एन. (2025). साहित्य, संस्कृति और तंत्रज्ञान: आधुनिक भाषा चिंतन मीडिया का साहित्य पर प्रभाव. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 8(05), 176 to 180. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/1519

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