आधुनिक हिंदी साहित्य और समाज

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पद्मश्री चौगुले

Abstract

“साहित्य से समाज, समाज से साहित्य” ये दोनों एक-दूसरे से गहरे रूप से जुड़े हुए हैं। साहित्य न केवल समाज की परिस्थितियों को दर्शाता है, बल्कि उसमें परिवर्तन लाने की क्षमता भी रहती है।
“मानव मन की छवि है साहित्य, मानव जीवन की कवि, कला, भाव ही साहित्य, मानव की आशा-आकांक्षा साहित्य, मानव का नित्य रूप साहित्य, मानव को जीने की चाह, जीवन की राह दिखाता है साहित्य।” आधुनिक हिंदी साहित्य ने समाज की चेतना को जगाने का कार्य करते हुए सोच को बदलने और नई विचारधाराओं के साथ विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर प्रश्न उठाने का काम भी किया है।

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Research Articles

Author Biography

पद्मश्री चौगुले

विभागध्यक्ष, हिन्दी के.एल.ई. बसवप्रभु कोरे कला विज्ञान तथा वाणिज्य महाविद्यालय, चिकोडी.

 

How to Cite

पद्मश्री चौगुले. (2025). आधुनिक हिंदी साहित्य और समाज. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 8(05), 144 to 149. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/1514

References

समकालीन कहानी तथा कविता - डॉ. राजेंद्र पोवार - २०२३ - लोकभारती प्रकाशन, प्रयागराज

डार से बिछुड़ी - कृष्णा सोबती - २०२१ - राजकमल प्रकाशन (पेपरबैक्स), दरियागंज, नई दिल्ली

कथा दर्पण - डॉ. राजेंद्र पोवार - लोकभारती प्रकाशन, प्रयागराज

शशिप्रभा शास्त्री के कथा साहित्य में स्त्री पुरुष संबंध - डॉ. विजयमाला गायकवाड़ - २०२२ - शुभम पब्लिकेशन, कानपुर