साहित्य और शिक्षा में भाषा का महत्व
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यह आलेख साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में भाषा के सर्वोपरि महत्व को स्थापित करता है। भाषा को साहित्य की आधारशिला माना गया है, क्योंकि यह लेखक को अपने विचारों, भावों और कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम प्रदान करती है। साहित्य के माध्यम से ही समाज का वास्तविक चित्रण, ऐतिहासिक ज्ञान का प्रसार और शब्दावली का विकास संभव होता है। शिक्षा के संदर्भ में, भाषा केवल संवाद का साधन नहीं है, बल्कि यह संज्ञानात्मक विकास, आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देती है। यह ज्ञान के संकलन, संचार और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार के लिए अनिवार्य है। इस प्रकार, भाषा साहित्य और शिक्षा दोनों में मानव सभ्यता और सामाजिक एकता के प्रवाह को बनाए रखने वाली केंद्रीय शक्ति है।
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भाषा विज्ञान: डॉ. भोलानाथ तिवारी