साहित्य और शिक्षा में भाषा का महत्व

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मोनिका महानंद डांगरे

Abstract

यह आलेख साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में भाषा के सर्वोपरि महत्व को स्थापित करता है। भाषा को साहित्य की आधारशिला माना गया है, क्योंकि यह लेखक को अपने विचारों, भावों और कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम प्रदान करती है। साहित्य के माध्यम से ही समाज का वास्तविक चित्रण, ऐतिहासिक ज्ञान का प्रसार और शब्दावली का विकास संभव होता है। शिक्षा के संदर्भ में, भाषा केवल संवाद का साधन नहीं है, बल्कि यह संज्ञानात्मक विकास, आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देती है। यह ज्ञान के संकलन, संचार और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार के लिए अनिवार्य है। इस प्रकार, भाषा साहित्य और शिक्षा दोनों में मानव सभ्यता और सामाजिक एकता के प्रवाह को बनाए रखने वाली केंद्रीय शक्ति है।

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Research Articles

Author Biography

मोनिका महानंद डांगरे

हिंदी विभाग, के.एल.ई. जी.आई. बागेवाडी आर्ट्स, साइंस एण्ड कॉमर्स कॉलेज, निपाणी।

 

How to Cite

मोनिका महानंद डांगरे. (2025). साहित्य और शिक्षा में भाषा का महत्व. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 8(05), 130 to 138. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/1512

References

विकिपीडिया

भाषा विज्ञान: डॉ. भोलानाथ तिवारी