आधुनिक साहित्यकार भूमिका द्विवेदी अश्क का साहित्य और समाज

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मनीषा मोहन लोंढे

Abstract

आधुनिक हिंदी साहित्य में भूमिका द्विवेदी अश्क एक महत्वपूर्ण लेखिका हैं, जिनका साहित्य समकालीन समाज की जटिलताओं, विशेष रूप से शहरी और ग्रामीण परिवेश में महिला जीवन के संघर्षों का यथार्थवादी चित्रण करता है। यह अध्ययन उनके साहित्य और समाज के बीच के गहरे संबंध का विश्लेषण करता है। उनका लेखन केवल कहानियाँ नहीं सुनाता, बल्कि समाज में व्याप्त रूढ़िवाद, लैंगिक असमानता, और मानवीय संबंधों की विसंगतियों को भी उजागर करता है। उनकी प्रमुख रचनाओं जैसे ‘खाली तमंचा’ और ‘बोहनी’ के माध्यम से हम देखते हैं कि कैसे वे महिलाओं की मनोवैज्ञानिक पीड़ा, उनके आत्म-सम्मान के लिए संघर्ष, और सामाजिक अपेक्षाओं के बोझ को गहराई से चित्रित करती हैं। यह शोध यह भी रेखांकित करता है कि उनका साहित्य किस प्रकार सामाजिक बदलाव और आत्म-बोध का एक शक्तिशाली माध्यम है।
भूमिका द्विवेदी अश्क का साहित्यिक योगदान न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि साहित्य किस प्रकार सामाजिक चेतना को जागृत कर सकता है। उनका लेखन आधुनिक समाज का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है, जो पाठकों को उनके अपने और उनके आसपास के जीवन को नए नज़रिए से देखने में मदद करता है।

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Author Biography

मनीषा मोहन लोंढे

शोधार्थी, हिंदी विभाग, एस.एन.डी.टी. महिला विश्वविद्यालय, कर्वे रोड, पुणे।

How to Cite

मनीषा मोहन लोंढे. (2025). आधुनिक साहित्यकार भूमिका द्विवेदी अश्क का साहित्य और समाज. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 8(05), 122 to 129. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/1510

References

भूमिका द्विवेदी अश्क, “बोहनी”, भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशन, दिल्ली, 2017

भूमिका द्विवेदी अश्क, “खाली तमंचा तथा अन्य कहानियाँ”, प्रथम हिंदी संस्करण, हिंदी पॉकेट बुक्स द्वारा, 2020

भूमिका द्विवेदी अश्क, “पितृपक्ष”, इण्डियानेट बुक्स प्रकाशन, दिल्ली, 2021

भूमिका द्विवेदी अश्क, “दाँव एवं अन्य राजनैतिक कहानियाँ”, इंक प्रकाशन, नई दिल्ली, 2024.