काग़ज़ से स्क्रीन तक: बदलता हिंदी साहित्य

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प्रवीण विलास चौगले

Abstract

हिंदी साहित्य ने सदियों से सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और रचनात्मक अभिव्यक्ति को संरक्षित किया है। परंतु डिजिटल युग में इसका स्वरूप और भी व्यापक हो गया है। काग़ज़ पर छपने वाली परंपरागत पुस्तकें अब ई-पुस्तक, ऑडियोबुक, ब्लॉग, ऑनलाइन पत्रिकाओं और सोशल मीडिया के रूप में सामने आ रही हैं। तकनीक ने न केवल लेखन और प्रकाशन की प्रक्रिया को सरल बनाया है, किंतु पाठक और लेखक के बीच प्रत्यक्ष संवाद की संभावनाएँ भी खोली हैं। इस परिवर्तन ने साहित्यिक विधाओं, आलोचना, वितरण और वैश्विक प्रसार में नई दिशाएँ दी हैं। यद्यपि तकनीकी युग में चुनौतियाँ भी हैं—जैसे साहित्य की गुणवत्ता, कॉपीराइट और गहन पठन की समस्या—फिर भी यह स्पष्ट है कि हिंदी साहित्य का भविष्य डिजिटल माध्यमों में और अधिक सशक्त रूप से स्थापित होगा।

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Research Articles

Author Biography

प्रवीण विलास चौगले

सहायक प्राध्यापक, कमला कॉलेज (स्वायत्त), कोल्हापुर.

How to Cite

प्रवीण विलास चौगले. (2025). काग़ज़ से स्क्रीन तक: बदलता हिंदी साहित्य. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 8(05), 82 to 89. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/1504

References

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“हिंदी समय” – www.hindisamay.com

“कविता कोश” – www.kavitakosh.org

National Digital Library of India – www.ndl.iitkgp.ac.in

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