मीडिया और हिंदी

Main Article Content

प्रकाश आठवले

Abstract

किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा से होती है, और भारत में हिंदी राजभाषा के साथ-साथ सर्वाधिक बोली व समझी जाने वाली भाषा है। वर्तमान इलेक्ट्रॉनिक युग में सोशल मीडिया (फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सअप, यूट्यूब, ब्लॉग आदि) ने हिंदी भाषा को जनसंवाद और अभिव्यक्ति का एक सशक्त, तीव्रगामी माध्यम प्रदान किया है, जिससे हिंदी का प्रचार-प्रसार वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है। आज युवा वर्ग भी मातृभाषा हिंदी में अपनी बात रख रहा है।
विज्ञापनों, फिल्मों, और शैक्षिक उद्देश्यों में हिंदी का व्यापक प्रयोग यह दर्शाता है कि यह भाषा बाज़ार और ज्ञान दोनों का केंद्र बन रही है। विभिन्न वेबसाइटों, ब्लॉगिंग (चिट्ठाकारी), और यूट्यूब जैसे माध्यमों से हिंदी साहित्य, ज्ञान, और मनोरंजन घर-घर तक पहुँच रहा है। सोशल मीडिया हिंदी को केवल राजभाषा नहीं, बल्कि विश्व भाषा बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे इसकी लोकप्रियता और लेखन कौशल में वृद्धि हो रही है।

Article Details

Section

Research Articles

Author Biography

प्रकाश आठवले

कर्मवीर भाऊराव पाटील कॉलेज, उरूण-इस्लामपुर.

 

How to Cite

प्रकाश आठवले. (2025). मीडिया और हिंदी. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 8(05), 74 to 81. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/1503

References

समुच्चय- प्रधान संपादक –प्रो. टी.जे. रेखा रानी, अंक- 03, अगस्त, 2024 अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, हैदराबाद

साहित्य अमृत- संपादक- लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, जून 2023, नई दिल्ली.

सोशल मीडिया में हिंदी भाषा का बढ़ता प्रयोग- डॉ. अंकिता नामदेव

हिंदी के प्रचार-प्रसार में इंटरनेट का योगदान- प्रा. एस.के आतार

सोशल मीडिया पर हिंदी भाषा का प्रयोग एवं महत्त्व- अंजु चौधरी

हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार में मीडिया का योगदान- पूजा रानी

हिंदी के प्रसार में सोशल मीडिया की भूमिका- डॉ. ओरेंद्र कुमार यादव