साहित्य और शिक्षा में भाषा का महत्व

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सुजाता एन. मगदूम

Abstract

भाषा मानव जीवन की आत्मा और ज्ञान, संस्कृति व संस्कारों की संवाहक है। साहित्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में इसका महत्व अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। भाषा साहित्य के सृजन का माध्यम है, जो विचारों, अनुभूतियों और जीवनानुभवों को सौंदर्य और अभिव्यक्ति प्रदान करती है। यह साहित्य को सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों का वाहक बनाती है। शिक्षा में, भाषा शिक्षण और अधिगम की आधारशिला है, जो ज्ञान के प्रसार, विचारों की अभिव्यक्ति, संज्ञानात्मक कौशल के विकास और सांस्कृतिक व नैतिक मूल्यों के संवाहन में निर्णायक भूमिका निभाती है। इस प्रकार, भाषा साहित्य की आत्मा और शिक्षा की आधारशिला है, जिसके बिना दोनों का अस्तित्व अधूरा है।

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Author Biography

सुजाता एन. मगदूम

एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, शासकीय प्रथम श्रेणी महाविद्यालय, सादलगा।

How to Cite

सुजाता एन. मगदूम. (2025). साहित्य और शिक्षा में भाषा का महत्व. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 8(05), 57 to 62. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/1500

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