महानगर और आधुनिक हिंदी साहित्य: संघर्ष, चेतना और पहचान

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गोरकनाथ

Abstract

हिंदी एवं आधुनिक हिंदी साहित्य में कई महत्वपूर्ण विषय जैसे ग्रामीण जीवन, किसान, नगर, प्रदूषण, भारतीय भाषा एवं सांस्कृतिक भाषा और महानगरीय जीवन सम्बंधित समस्याएँ जैसे भौतिकवाद, नैतिक पतन, व्यक्तिगत अकेलापन, आर्थिक शोषण और मानवीय संबंधों के व्यवसायीकरण का चित्रण मिलता है।

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Research Articles

Author Biography

गोरकनाथ

शोधार्थी, कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़.

How to Cite

गोरकनाथ. (2025). महानगर और आधुनिक हिंदी साहित्य: संघर्ष, चेतना और पहचान. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 8(05), 12 to 16. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/1493

References

हिंदी उपन्यासों में महानगरीय बोध – डॉ. राकेश रायपुरिया

महानगर और क़स्बा मन – कुबेरनाथ राय

परिंदे – निर्मल वर्मा

कटा हुआ आसमान – जगदम्बा प्रसाद दीक्षित

पत्ताखोर – मधु कांकरिया