हिंदी प्रचार सोशल मीडिया के साथ
Main Article Content
Abstract
सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक ने हिंदी भाषा के वैश्विक विस्तार में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। फेसबुक, यूट्यूब, वॉट्सऐप और ब्लॉगिंग जैसे डिजिटल माध्यमों ने हिंदी को न केवल साहित्य तक सीमित रखा है, बल्कि इसे जन-जन की संवाद भाषा बना दिया है। यूनिकोड के आगमन और ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा हिंदी के प्रयोग ने इसे रोजगार और व्यापार की भाषा के रूप में भी सशक्त किया है। तकनीकी विकास और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने हिंदी को युवा पीढ़ी से जोड़कर इसे एक प्रभावशाली ‘ग्लोबल लैंग्वेज’ बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है, जिससे इसकी स्वीकार्यता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है।
Article Details
Section

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.
How to Cite
References
डॉ. सुनील कुमार लवटे, हिंदी वेब साहित्य, राजकमल प्रकाशन, इलाहाबाद, प्र.सं. 2013, पृ. 34.
अनामी शरण बबल, मीडिया के बदलते तेवर, श्री नटराज प्रकाशन, नई दिल्ली, प्र.सं. 2009, पृ. 40.
हिंदी के प्रचार प्रसार में मीडिया की भूमिका, https://www.google.com/search?q=tatkalexpress.blogspot.com
मीडिया और हिंदी - दूसरी दुनिया
www.jansatta.com