सुनील गुलाबसिंग जाधव. (2026). हिन्दी साहित्य की अंतरात्मा: उपेक्षित समुदायों का सांस्कृतिक एवं सामाजिक यथार्थ. ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA), 15(03), 124 to 128. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/2045