1.
सुनील गुलाबसिंग जाधव. हिन्दी साहित्य की अंतरात्मा: उपेक्षित समुदायों का सांस्कृतिक एवं सामाजिक यथार्थ. ASJ. 2026;15(03):124 to 128. Accessed May 3, 2026. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/2045