1.
तेजस्विनी चं. गुरूस्थलमठ. हिन्दी साहित्य में संत काव्य की सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना. ASJ. 2026;16(06):187 to 192. Accessed July 23, 2026. https://aksharasurya.com/index.php/latest/article/view/2243